अनुभूति 1 [1(2)] जयमाला मंच

 

( 02)

    गंगापंत ने छोटे से स्तर से अपना व्यवसाय प्रारंभ किया था और अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से शहर के अनाज के बड़े आढ़तिया 

बन चुके थे।

    वह देश के लगभग सभी हिस्सों में अनाज की आपूर्ति करते थे ।

    शहर से लगी हुई दो एकड़ की विशाल कोठी "कल्पतरु " में अपने परिवार का निवास बना लिया था ।

    उनकी एक बेटा और एक बेटी थी।

    बेटा विमल जो कि अमेरिका में साफ़्टवेयर इंजीनियर था और एक मात्र बेटी डाक्टर तारिका जो शासकीय अस्पताल में शहर में ही 

पोस्टेड थी और मानसिक रोग विषय के विशेषज्ञ के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थी ।

    उनके बेटे विमल की शादी में पूरे होटल जानकी पैलेस में धूमधाम के साथ बहुत शानदार सजावट थी।

    होटल के बड़े लान के बीच में जयमाला मंच बनाया था और उसके सामने अतिथियों के बैठने के लिए सोफ़े लगे थे ।

    जयमाला मंच के दाहिने ओर बने नृत्य मंच में बच्चे और जोड़े नाच रहे थे ।

    जयमाला मंच की बाईं ओर भांति - भांति के सुस्वादु गरमागरम व्यजंनों के दर्जनों स्टाल लगे थे जिनकी खुश्बू चारों ओर फ़ैल रही थी ।

    वातावरण में शहर के प्रसिद्ध आर्केस्ट्रा का संगीत फ़ैल रहा था ।

    तरह - तरह के आकार, विभिन्न रंगों के कपड़ों से बने पंडाल मेजबान के रसूख को प्रदर्शित कर रहे थे ।

    सुन्दर, रंग - बिरंगे, अनगित बिजली के बल्वों की रोशनी इस समय पूरे वातावरण को अनुपम सौंदर्यमई  बना रही थी ।

Comments

Popular posts from this blog

अनुभूति-1 [6(22)] होटल सम्राट में वृंदा और छाया द्वारा सरितकान्त का आमंत्रण

अनुभूति-1[7(25)] छाया और सरितकान्त की बातचीत

अनुभूति-1 [5(14)] सरितकान्त का विशेष अदा से सिगरिट पीना